MUNGELI NEWS. जिले के लालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घोंघापारा में अंधविश्वास के नाम पर प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक युवक और उसकी पत्नी को परिवार के ही सदस्यों ने टोनही-टोनहा बताकर न केवल घर से बेदखल किया, बल्कि उनके घर में घुसकर मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ित उमेश बर्मन ने पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत में बताया कि वह अपने घर में निर्माण कार्य करा रहा था, तभी उसके पिता धन्नूलाल बर्मन, भाई, भाभी और भतीजों ने उस पर और उसकी पत्नी रीना बर्मन पर टोनही होने का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया। इस मारपीट में दोनों को गंभीर चोटें आई हैं।

घटना के बाद पीड़ित दंपति ने लालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। एसपी के हस्तक्षेप के बाद थाना प्रभारी सुंदरलाल गोरले मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उन्होंने पीड़ितों को ही फटकार लगाते हुए धमकी भरे लहजे में बात की।

पीड़ितों के अनुसार, थाना प्रभारी ने कहा कि वे केवल “मौका देखने” आए हैं और शिकायत सुनने के लिए थाने आने को कहा। इस दौरान की बातचीत का ऑडियो भी पीड़ित परिवार ने रिकॉर्ड कर लिया है, जिसे वे उच्च अधिकारियों को सौंपने की तैयारी में हैं।
इस पूरे घटनाक्रम से पीड़ित परिवार दहशत में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। वहीं पुलिस के इस रवैये को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

टोनही प्रताड़ना पर कड़ा कानून, फिर भी जारी अत्याचार
छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना को रोकने के लिए कड़ा कानून लागू है। किसी व्यक्ति को टोनही बताकर शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न करने पर 5 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसके बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना चिंता का विषय है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
घटना में पुलिस के व्यवहार को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जहां एक ओर पीड़ित को सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, वहीं आरोप है कि उन्हें ही डराया-धमकाया गया। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।





































