मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईंधन बचत को लेकर देशभर में पहल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब राज्य सरकारें भी इस दिशा में ठोस कदम उठा रही हैं। कई बीजेपी शासित राज्यों में मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि अगले छह महीनों तक दिल्ली सरकार के किसी भी विभाग में नई पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड गाड़ियों की खरीद नहीं की जाएगी। ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों को राहत देते हुए ट्रांसपोर्ट अलाउंस बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि ग्रेड 1 से 8 तक के कर्मचारियों का ट्रांसपोर्ट अलाउंस 10 फीसदी बढ़ाया जाएगा, बशर्ते वे इसका कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि यह फैसला देशहित में लिया गया है और इससे ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने हर सोमवार को “मेट्रो सोमवार” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी जहां संभव होगा, मेट्रो से ही दफ्तर आएंगे और जाएंगे। साथ ही सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक तय किया गया है।

यातायात दबाव कम करने के लिए एमसीडी दफ्तरों का समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही दिल्ली की जनता से भी अपील की गई है कि वे हफ्ते में एक दिन “नो व्हीकल डे” अपनाएं, ताकि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी लाई जा सके।



































