RAMPUR NEWS. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को रामपुर सेशन कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में सजा के खिलाफ दायर उनकी अपील खारिज कर दी और निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा। रामपुर की सेशन कोर्ट ने सोमवार को इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए दोनों की याचिकाएं निरस्त कर दीं। इसके साथ ही एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा दी गई सजा प्रभावी बनी रहेगी, जिससे पिता-पुत्र की जेल में रहने की अवधि लंबी हो सकती है।


यह मामला 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। आरोप था कि अब्दुल्लाह आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए। जांच के दौरान आजम खान की भूमिका भी सामने आई थी। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।


इसके खिलाफ 25 नवंबर 2025 को सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। फिलहाल आजम खान और अब्दुल्लाह आजम रामपुर जिला जेल में बंद हैं। उल्लेखनीय है कि आजम खान सितंबर 2025 में जेल से रिहा हुए थे, लेकिन करीब 55 दिन बाद 18 नवंबर को फिर सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ा।




































