ISLAMABAD NEWS. मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने ईरान–इजराइल टकराव पर अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि मौजूदा हालात केवल दो देशों के बीच का विवाद नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और वैश्विक संतुलन के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इजराइल की आक्रामक नीति से मध्य पूर्व में अस्थिरता गहराने का खतरा है। बयान में आगाह किया गया कि यदि हालात नियंत्रण से बाहर हुए तो इसका प्रभाव ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।

इस्लामिक देशों से संयम और एकजुटता की अपील
पाकिस्तान ने कहा कि वह इस मुद्दे को व्यापक इस्लामिक जगत से जुड़ा मानता है और सभी मुस्लिम देशों से संयम बरतने तथा कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास तेज करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि टकराव बढ़ने से मानवीय संकट गहरा सकता है और आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

‘संघर्ष का दायरा बढ़ा तो असर हम पर भी’
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि संघर्ष व्यापक रूप लेता है तो उसका असर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय कूटनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है। सरकार ने वैश्विक शक्तियों और संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप कर तनाव कम कराने की पहल करने की मांग की है।

कूटनीतिक समाधान पर जोर
पाकिस्तान ने दोहराया कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। उसने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संवाद की प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है, ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।





































