BHILAI NEWS. अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) से जुड़े उद्यमी भी अपने नवाचारों को कानूनी सुरक्षा देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना सकेंगे। सरकार की ओर से पेटेंट और ट्रेडमार्क पंजीयन पर आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह जानकारी गुरुवार को रुंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी में स्थापित एमएसएमई फैसिलिटेशन सेंटर द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में दी गई।

कार्यक्रम में रुंगटा बिजनेस इनक्यूबेशन के सीईओ जी. वेणुगोपाल ने बताया कि उद्यमियों को ट्रेडमार्क पंजीयन पर 10 हजार रुपये, देश में पेटेंट कराने पर 1 लाख रुपये तथा विदेश में पेटेंट पंजीयन पर 5 लाख रुपये तक की राशि रिफंड के रूप में मिल सकती है। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया में निःशुल्क मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। एमएसएमई फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से उद्यमी पेटेंट, ट्रेडमार्क और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

संभाग स्तर पर चलेगा जागरूकता अभियान
एमएसएमई फैसिलिटेशन सेंटर के स्पोक पर्सन डॉ. रामकृष्ण राठौर ने बताया कि केंद्र सरकार की नवाचार योजना के तहत लगभग 47 लाख रुपये के अनुदान से इस केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों, स्टार्टअप्स और नवप्रवर्तकों को पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, औद्योगिक डिज़ाइन और भौगोलिक संकेतक (GI) पंजीयन में निःशुल्क सहायता प्रदान करेगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के राज्य महासचिव अजय भसीन ने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार उद्योगों को नकल और अवैध प्रतिस्पर्धा से बचाते हैं। इससे ब्रांड की विश्वसनीयता बढ़ती है, निवेश आकर्षित होता है और व्यवसाय का मूल्य भी मजबूत होता है। उन्होंने संभाग के सभी उद्यमियों से अपने नवाचारों को सुरक्षित करने की अपील की।
उद्यमियों के अनुभव और प्रशिक्षण सत्र
कार्यक्रम में महिला उद्यमी सरोज देवी (सरोज स्टील्स) को सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि ट्रेडमार्क पंजीयन से ब्रांड की अलग पहचान बनती है और ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है।
कार्यक्रम के दौरान चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सरल भाषा में पेटेंट और ट्रेडमार्क की प्रक्रिया, तकनीकी सुविधाएं, सफल उद्यमियों की कहानियां और नवाचार आधारित व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उपाय बताए गए।

दुर्ग, भिलाई सहित आसपास के क्षेत्रों से 70 से अधिक उद्यमियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और विशेषज्ञों से अपने सवालों के जवाब प्राप्त किए। कार्यक्रम का समन्वय अनुराग शर्मा ने किया। आयोजन रुंगटा यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) डॉ. एजाजुद्दीन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर दुर्ग के प्रशिक्षक भी उपस्थित रहे।




































