INDORE NEWS. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पेठिया गांव स्थित एक मदरसे से करीब 20 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना रविवार को तब उजागर हुई, जब पुलिस ने मदरसे के ऊपर बने कमरे में छापा मारकर नकली नोट बरामद किए। कमरे की तलाशी में पुलिस को नोटों की शीट और उन्हें काटने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कटर भी मिला।
इसी कमरे में बच्चों को इस्लामी शिक्षा देने वाला मौलाना जुबैर मोहम्मद अशरफ अंसारी तीन दिन पहले महाराष्ट्र के मालेगांव में 10 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि मौलाना जुबैर नकली नोट मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाजारों में चलाकर उन्हें असली नोट में बदलता था।

आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल की आशंका
बरामद किए गए नकली नोटों के बदले मिलने वाले असली नोटों का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए भी किए जाने की आशंका है। पुलिस ने मौलाना के तार असम समेत देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय आतंकी संगठनों और गिरोहों से जुड़े होने की भी संभावित कड़ी तलाशना शुरू कर दी है।
मामले की जांच के लिए SIT बनी
एसपी मनोज कुमार राय ने नकली नोट मामले में एसआईटी टीम गठित कर दी है, जिसे आरोपियों से पूछताछ के लिए महाराष्ट्र के मालेगांव भेजा गया है। वहां पुलिस ने मौलाना को आठ दिन की रिमांड पर लिया है। रिमांड के बाद आरोपी को खंडवा पुलिस पूछताछ के लिए लाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह में और कौन शामिल हैं और जाली नोट कहां छपवाए जा रहे थे।

मौलाना का मिला आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया कि मौलाना जुबैर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह बुरहानपुर के हरीरपुरा गांव का रहने वाला है और साल 2015 से साल 2021 तक आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा। उसके खिलाफ लूट, नकली नोट की धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में कई केस दर्ज हैं।
मदरसों और मौलानाओं की हो जांच- विधायक
इस मामले को लेकर खंडवा की भाजपा विधायक कंचन तनवे ने देश को खोखला करने की साजिश बताया है। उन्होंने सभी मदरसों और मौलानाओं की पूरी जांच कराने और उनका रिकॉर्ड खंगालने की मांग की है। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े केंद्रों में अवैध गतिविधियां सामने आ रही हैं।

मदरसों को लेकर बने नीति- मंत्री विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अब बाहर के लोग आकर मदरसे में काम करने लगे हैं। उनकी गतिविधियां कई बार संदिग्ध और अवैध रहती हैं। मदरसे में पढ़ाने वाले लोगों की जानकारी सरकार को हासिल करना चाहिए। सरकार को मदरसों की गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करुंगा कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में चल रहे मदरसों को लेकर एक नीति बनना चाहिए।

पुलिस कर रही है मामले की जांच
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। साजिश का असली चेहरा सामने लाने के लिए और नकली नोट का जाल पूरी तरह खत्म करने के लिए कोशिश की जा रही है।





































