BHIND. मध्यप्रदेश के भिंड जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप अचरज में पड़ जाएंगे। यहां दंदरौआ धाम में भक्तों के लिए जिस तरह से प्रसादी बनाई जा रही है ऐसा आप ने पहले कभी नहीं देखा होगा। पूरे देश में भोजन बनाने का यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, दंदरौआ धाम में पिछले कुछ दिनों से धार्मिक आयोजन चल रहा है। इस आयोजन में आए लोगों के भोजन व प्रसाद बनाने के लिए जेसीबी मशीन व सीमेंट मिक्सर तक की मदद ली जा रही है। ऐसा इस लिए क्योंकि यह सब बहुत ही अधिक मात्रा में बनाया जाता है।
मनाया जा रहा है सियपिय समारोह
बता दें, इन दिनों दंदरौआ धाम में ‘सियपिय’ समारोह मनाया जा रहा है। साथ ही यहां बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री का भी कार्यक्रम चल रहा है। इसी वजह से यहां रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिनके भोजन व प्रसाद का प्रबंध दंदरौआ धाम की ओर से किया जाता है। जानकारी के मुताबिक धाम के आयोजन में प्रतिदिन 20 हजार से भी ज्यादा लोगों आते है और यही खाना भी खाते है।
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भंडारे में जेसीबी से बनाई जा रही सब्जी@CMMadhyaPradesh @ChouhanShivraj @drnarottammisra @BageswarS @BhindPolice @MANASMAYANK5 pic.twitter.com/NwhvIQAYZx
— Tirandaj (@Tirandajnews) November 18, 2022
जेसीबी, मिक्सर और ट्रेक्टर की मदद से बनता है खाना
यहां खाना बनाने में जेसीबी, मिक्सर और ट्रेक्टर की मदद ली जा रही है। आपको यह बात जरूर अजीब लग रही होगी पर यहां इतनी अधिक मात्रा में भोजन बनता है कि उसके वितरण के लिए इनकी मदद ली जाती है। यहां सीमेंट मिक्सर भी खाना बनाने के लिए लगा हुआ है। वहीं ट्रैक्टर से भर-भर कर सब्जी, खिचड़ी आदि को ले जाया जाता है। इन सभी को ट्रैक्टर में भरने के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं जेसीबी सब्जी बनाने में भी मदद करती है। कई लोग तो इस तरह से मशीनों को खाना बनाते हुए देखने के लिए भी यहां पहुंचते है।
रोजाना 700 से ज्यादा हलवाई बनाते है खाना
बता दें कि इस भव्य आयोजन के लिए दिन से लेकर रात तक दो शिफ्ट में 700 से ज्यादा हलवाई लगे हैं। इसकी भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते है कि यहां सुबह के नाश्ते में 200 किलो पोहे बनता है। दंदरौआ धाम में मौजूद कढ़ाई में एक बार में 20 क्विंटल आलू की सब्जी एक बार में बनाई जा सकती है। वहीं सीमेंट मिक्सर का उपयोग करके कई तरह की खाद्य पदार्थों को मिक्स किया जाता है। इस आयोजन की व्यवस्था में तकरीबन 10 हजार स्वयंसेवक लगे हुए हैं।









































