BHILAI. बीते दिनों विभिन्न रेडियोलॉजिस्टों की एक कॉन्फ्रेंस जयपुर में हुई। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस कॉन्फ्रेंस में देश और विदेश से जाने-माने रेडियोलॉजिस्टों ने हिस्सा लिया। इसमें छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए भिलाई के तजुर्बेकार रेडियोलॉजिस्ट और सुधीर एक्सरे एंड डायग्नोस्टिक्स के संचालक डॉ.सुधीर शुक्ला ने भाग लिया।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुई कॉन्फ्रेंस में ‘बच्चों को ध्यान में रखकर विभिन्न जांच’ के विषयों पर एक्सपर्ट ने विचार साझा किए। बच्चों की जटिल और पुरानी समस्याओं को किस तरह से जांच व इलाज किया जाए, लो डोज सीटी, एमआरआई (MRI) का किस तरह उपयोग किया जाए, सोनाग्राफी में उपयोग में आने वाली मशीनों के उपकरणों को किस तरह से बच्चों के लिए उपयोगी बनाया जाए और किस तरह से जांच की जाए, आदि महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर कॉन्फ्रेंस में चर्चा की गई।
इसके साथ ही कॉन्फ्रेंस में छोटे बच्चों के पेट, मस्तिष्क, शरीर के छोटे हिस्सों (स्माल पार्ट्स), नसों, मांसपेशियों, जोड़, स्पाइन पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बच्चों के फेंफड़ों में लंबी बीमारी, जिसमें सीटी का लगातार उपयोग संभव नहीं होता, उन बीमारियों को एमआरआई में कैसे फॉलो करना है, इस पर पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टर सोढ़ी ने विशिष्ट व्याख्यान दिया।
इसके अलावा 1.5 टेस्ला एमआरआई की उपयोगिता बताई गई। बच्चों की जन्मजात समस्या का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। समस्याओं को कैसे जल्दी से डाइग्नोस किया जाए, इसकी भी बिन्दुवार जानकारी दी गई। बच्चों के कैंसर में पीडियाट्रिक ओंकोलॉजी की उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डाला गया।

इसमें सेंट लूईस यूएसए स्थित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. रोबर्ट एमसी किंस्ट्री, कनाडा से प्रोफेसर डॉ. गोविंद चौव्हान, आस्ट्रेलिया से प्रोफेसर डॉ. अजय तरंथ, यूके से प्रोफेसर डॉ. जोन्ना ब्राउन, सीएमसी वेल्लोर से श्रीधर और छत्तीसगढ़ की ओर से भिलाई के डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला सम्मिलित हुए थे।









































