TIRANDAJ DESK. भारत में 5G स्पेक्ट्रम की तैयारी पूरी हो चुकी है, भारत में 1 अक्टूबर से 5जी सेवाओं की शुरुआत हो रही है। G का मतलब मोबाइल नेटवर्क की जनरेशन से होता है, आसान शब्दों में समझें तो 5G सर्विस मोबाइल नेटवर्क की 5वीं Generation है, जो अभी चल रहे 4G LTE स्टैण्डर्ड से भी ज्यादा फास्ट होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 01 अक्टूबर को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश में 5जी सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। साथ ही इस दौरान वे दिल्ली के द्वारका सेक्टर-25 में दिल्ली मेट्रो के आगामी स्टेशन की एक भूमिगत सुरंग से 5जी सेवाओं के कामकाज को भी देखेंगे।

वहीं देश के 10 करोड़ से ज्यादा लोग 2023 में 5जी सेवा का इस्तेमाल करना चाहते हैं। इन के पास ऐसे स्मार्टफोन भी हैं, जो 5जी नेटवर्क के लिए तैयार हैं। इसके लिए यूजर्स 5जी सेवा के लिए 45 फीसदी तक अधिक भुगतान करने को तैयार है। 5G सर्विस आने पर यूजर्स को बेहतर कॉल और कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही इंटरनेट यूजर्स चुटकियों में मूवी और अन्य चीजों को डाउनलोड कर सकेंगे, एवं टीवी प्रोग्राम, मल्टीमीडिया आदि हाई क्वालिटी में और फास्ट देख पाएंगे।

एरिक्शन ने बुधवार को एक सर्वे में कहा कि भारत में 5जी सेवा के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। जो यूज़र्स 5जी सेवा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनमें 36 फीसदी सर्वश्रेष्ठ सेवा का लाभ लेना चाहते हैं। तो वहीं करीब 60% लोग नई ऐप की उम्मीद लगाए हुए हैं। सर्वे के मुताबिक, 5जी नेटवर्क का प्रदर्शन ही इस पर भरोसा बनाए रखने का कार्य करेगा।

30% कंपनियां 5जी में नहीं करेंगी निवेश
ईवाई ने बताया, 70 फीसदी भारतीय कंपनियां अगले तीन साल में अन्य तकनीक के मुकाबले 5जी पर भारी इन्वेस्टमेंट करेंगी। हालांकि, आधी कंपनियों का कहना है कि उनके पास 5जी संबंधी नीति एवं नियमों को लेकर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। पूरा सर्वे वित्तीय सेवाओं, सरकारी, तकनीक समेत 8 उद्योगों से जुड़ीं 56 कंपनियों पर किया गया है।



































