गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के ऐलान से कुछ घंटे पहले ही इस मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद पंजीकृत मस्जिदों के इमामों को 3000 रुपये तथा मुअज्जिन व पुजारियों को 2000 रुपये प्रति माह दिए जा रहे थे। सरकार का मानना है कि धर्म के आधार पर चलाई जा रही सहायता योजनाओं को बंद किया जाना चाहिए और इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। Read More































