मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, आरोपी का यह कृत्य केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि एक पवित्र विश्वास का कत्ल है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को 7 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है। Read More


































