जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कलेक्टर ने आवेदन को विधिवत स्वीकार करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय परिसर में बैठ गए थे और नारेबाजी करने लगे, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुए। इस दौरान कर्मचारियों के साथ बहस और हंगामे की स्थिति भी बनी। Read More





























