छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि बीमार माता-पिता को छोड़कर अलग रहने का बिना उचित कारण दबाव पति के प्रति मानसिक क्रूरता माना जा सकता है। Read More
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि सामाजिक बैठक के माध्यम से दोनों को साथ रहने का अवसर देने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन इससे समाधान नहीं निकल सका। Read More
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक अहम मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि पति को शारीरिक संबंध बनाने से रोकना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश पलटते हुए पति की तलाक अपील मंजूर कर ली और पत्नी को दो महीने के भीतर 20 लाख रुपये स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है। Read More