चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जांजगीर-चांपा निवासी जीटू पोर्टे की अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता ने अपनी मां के सरकारी सेवा में होने की जानकारी छिपाकर गलत घोषणा और शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अदालत ने विभाग की कार्रवाई में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। Read More



































