आरोपी राजेश कुमार अग्रवाल और उनका बेटा शैलेश अग्रवाल खुद को बड़े ट्रांसपोर्ट और कोल्ड स्टोरेज कारोबारी के रूप में प्रस्तुत करते थे। उन्होंने व्यापारियों को अपने प्रभाव, संपन्नता और बड़े व्यापारिक नेटवर्क का भरोसा दिलाकर शक्कर की बड़ी खेप उधार में मंगवाई, लेकिन भुगतान नहीं किया। Read More






























