‘पिता कौन?’ DNA रिपोर्ट ने दिया जवाब, हाईकोर्ट ने कहा- बच्चे के भरण-पोषण से नहीं भाग सकता जैविक पिता
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के तिफरा निवासी महिला ने अपने और तीन वर्षीय बेटे के भरण-पोषण के लिए फैमिली कोर्ट में धारा 125 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था। प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को महिला और बच्चे दोनों की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद महिला और उसके बेटे की ओर से हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की गई। Read More































दुष्कर्म मामले में हाई कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी, पीड़िता के नवजात का नहीं होगा डीएनए टेस्ट