नई दिल्ली में आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई और निर्देश दिए गए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरे के वास्तविक भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। Read More






























