सर्कुलर में मूल रूप से कहा गया है कि किसी बेंच या कोर्ट द्वारा सुनवाई से हटने को सामान्य नियम नहीं माना जाना चाहिए। इसका सहारा केवल दुर्लभ और वास्तविक परिस्थितियों में ही लिया जाना चाहिए। यदि कोई वकील किसी जज से रिश्तेदारी होने के बावजूद केस स्वीकार करता है, तो इसे अनिवार्य रूप से हटने का आधार नहीं माना जाएगा। विशेष परिस्थितियों में जज को लिखित रूप में कारण दर्ज करने होंगे। Read More






























