नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सबसे बड़ा बकायेदार है। इस विभाग पर ₹1525.18 करोड़ का बिजली बिल बकाया है, जो कुल बकाया राशि का लगभग आधा हिस्सा है। दूसरे स्थान पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग है, जिस पर ₹1057.56 करोड़ का बकाया दर्ज है। इन दोनों विभागों पर ही कुल बकाया का करीब 85 प्रतिशत केंद्रित है। Read More




































