याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि पूर्व में जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी। महिला का आरोप है कि एक अधिकारी आरोपी के समकक्ष रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे जूनियर थीं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। Read More






























