छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस सबूत के ससुराल वालों को आरोपी बनाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक विवादों में पति के दूर के रिश्तेदारों को बिना तथ्यों के घसीटना केवल उत्पीड़न का साधन बनता जा रहा है। इसी टिप्पणी के साथ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने महिला थाने में दर्ज FIR और मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित मामले को रद्द कर दिया है। Read More






























