चैतन्य बघेल को पहले ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद जेल में रहते हुए ACB/EOW ने भी शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी दर्ज की थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों जांच एजेंसियों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया। Read More






























