वाराणसी। रविवार की सुबह गंगा नदी पर अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) और भारतीय वायुसेना की संयुक्त ड्रिल ने घाटों पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। धुंधले मौसम और ठंड के बीच गंगा पर उड़ते हेलीकॉप्टर ने अचानक रविदास घाट के पास क्रूज के ऊपर कमांडो उतारने की कवायद शुरू की, जिसे देखकर स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों रोमांचित हो उठे।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह ड्रिल गंगा नदी पर आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की तैयारी को जांचने के लिए आयोजित की गई थी। इसमें एनएसजी, एयरफोर्स और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। सुबह से ही रविदास घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

आधे घंटे तक चली ड्रिल
गंगा में क्रूज के चारों ओर मोटरबोट के जरिए सुरक्षा घेरा बनाया गया, वहीं आसमान से हेलीकॉप्टर ने क्रूज पर पोजिशन ली और रस्सियों के सहारे एनएसजी के कमांडो नीचे उतरे। करीब आधे घंटे तक चली इस हाई-टेक ड्रिल में सुरक्षा बलों ने जल, थल और वायु तीनों स्तरों पर कार्रवाई की तैयारियों का अभ्यास किया।
लोगों ने बनाए वीडियो
इस दौरान हेलीकॉप्टर की आवाज और क्रूज के आसपास कमांडो की गतिविधियों को देखकर लोगों को लगा कि कोई वास्तविक घटना घट गई है। लेकिन थोड़ी ही देर में जब यह साफ हुआ कि यह सुरक्षा अभ्यास है, तो लोग मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने और तस्वीरें खींचने लगे।

आपात स्थिति से निपटने की जांची तैयारी
ड्रिल का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी और उसके आसपास होने वाले किसी भी आपातकाल, आतंकी घटना या प्राकृतिक संकट में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना था। कमांडो ने आधुनिक उपकरणों और रणनीतियों का प्रदर्शन करते हुए आपसी समन्वय और कार्रवाई की दक्षता साबित की।
एनएसजी के एक अधिकारी के अनुसार, वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर इस तरह की ड्रिल जरूरी है, ताकि सुरक्षा बल हर स्थिति से निपटने के लिए जांचे-परखे जा सकें। अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने नदी में बचाव कार्य की संभावना का भी परीक्षण किया।

मजबूत है सुरक्षा- बोले स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां उन्हें भरोसा दिलाती हैं कि शहर की सुरक्षा मजबूत है। ड्रिल खत्म होते ही पुलिस ने रविदास और अस्सी घाट की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू कर दिया और स्थिति सामान्य कर दी गई।

रविवार की यह संयुक्त ड्रिल न केवल एनएसजी और वायुसेना की तैयारी का प्रदर्शन थी, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि देश की सुरक्षा एजेंसियां संकट की किसी भी घड़ी में पूरी तत्परता से कार्रवाई करने को तैयार हैं।




































