NEW DELHI NEWS. जांच और कड़ाई के बाद भी विमानों में तस्करी तेजी से हो रही है। तस्करी के लिए गिरोह और लोग ऐसे-ऐसे जुगाड़ लगा रहे हैं कि जिन्हें देखकर कस्टम अधिकारियों को भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो पा रहा है। इस बीच, नई दिल्ली एयरपोर्ट पर दो अजीब तरह का मामले सामने आए हैं। दरअसल, पानी पीने की बोतल के ढक्कन में 170 ग्राम सोना छिपाकर लाने की कोशिश की गई। वहीं, एक महिला के बैग से करीब 1 किलो सोना बरामद हुआ। इस सोने को महिला ने अंडरवियर में छिपाकर तस्करी करते पकड़ी गई। हालांकि दोनों की मामले में अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए सोना जब्त कर लिया है।

दरअसल, हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट से एक ही दिन पहले कस्टम अधिकारियों ने एक महिला को हिरासत में लिया। 24 अक्टूबर को एक महिला फ्लाइट नंबर 8एम-620 से टर्मिनल-3 पर म्यांमार से दिल्ली पहुंची। कस्टम अधिकारियों को महिला पर शक हुआ। उसकी जांच की गई तो काले अंडरवियर से सोने के 6 बिस्किट निकले। इनका वजन 996.5 ग्राम है, जिसकी कीमत 1.17 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है।

इस कार्रवाई के दौरान पूछताछ में महिला ने कबूल कर लिया कि वो म्यांमार से तस्करी कर इस सोने को भारत लाई है। कस्टम एक्ट, 1962 के सेक्शन 110 के अंतर्गत सोने को जब्त कर लिया गया है और कस्टम एक्ट, 1962 के सेक्शन 104 के तहत महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वहीं, दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) पर 25 और 25 अक्टूबर के बीच रात में इंसानी खुराफात का एक नया ही नमूना देखने को मिला। दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम अधिकारियों ने 25 अक्टूबर की रात को प्रोफाइल के आधार पर एक पुरुष यात्री की जांच शुरू की। यह शख्स फ्लाइट नंबर AI-996 से दुबई से दिल्ली आया था। फ्लाइट के गेट से ही इस शख्स पर खुफिया तरीके से नजर रखी जा रही थी। इसके बाद ग्रीन चैनल के एग्जिट गेट पर इसे रोक लिया गया,जब इसकी जांच की गई तो बिल्कुल ही नया तरीका देखने को मिला।

फ्लाइट में छोटी पानी की बोतल साथ ले जाने की अनुमति रहती है। इस शख्स ने इसी बोतल के ढक्कन में ‘खेल’ किया हुआ था। उसने सोने को बोतल के ढक्कन का रूप दिया हुआ था। इससे इसे पहचानना बहुत ही मुश्किल था। लेकिन कस्टम अधिकारियों के सामने उसकी चालाकी नहीं चली। खुलासा हुआ तो ढक्कन से 170 ग्राम सोना निकला। बाजार के इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये है। भले ही यह सोना ज्यादा नहीं है, लेकिन यह तस्करी का बिल्कुल नया तरीका था।





































