TIRANDAJ DESK. आज के समय में चाहे जश्न छोटा हो या बड़ा, शराब की बोतलें खुलना तो जैसे आम बात हो गई है। इतना ही नहीं बल्कि आपकी अमीरी का अंदाजा भी इसी बात से लगाया जाता है कि आप कितनी महंगी शराब पीते हैं, और वह किस क्वालिटी की होती है। ऐसे में अगर आपको पता चले कि दुनिया में एक ऐसी भी बेस्ट क्वालिटी की शराब है जिसे बनाने में 55 साल से अधिक का समय लगता है। तो यकीनन आप इसका स्वाद तो जरूर ही चखना चाहेंगे। हम बात कर रहे हैं व्हिस्की यामाज़ाकी-55 की जिसकी नीलामी अभी हाल ही में जापान में की गई है।

जापान में तैयार हुई अब तक की सबसे महंगी और सबसे पुरानी व्हिस्की यामाज़ाकी-55 की नीलामी अभी हाल ही में की गई है। इसकी 750ml के बोतल की कीमत करीब साढ़े 6 करोड़ रूपए लगाई गई है। इस दुर्लभ किस्म की व्हिस्की को लोग हर कीमत देकर खरीदना चाहते हैं। इसका एक कारण यह भी है कि यह बहुत पुरानी व्हिस्की है, और इसे बनाने में लगभग 55 साल से अधिक का समय लगता है और इसी वजह से इसके नाम के आगे 55 जुड़ा है।
भारतीय भी चखेंगे स्वाद
जापान में बनी इस व्हिस्की यामाज़ाकी-55 की ज्यादा मांग होने की वजह से यह बहुत ही सीमित मात्रा में है। भारतीय बाज़ार में अभी यामाज़ाकी-55 तो नहीं, पर इसके कदरदानों के लिए यामाज़ाकी-12 आसानी से उपलब्ध है। जो कि केवल 10,000 से 15000 रूपए की कीमत में आ जाएगी। तो इसका मतलब अब आप भी जापान में बनी इस व्हिस्की का स्वाद आसानी से चख सकते हैं।

इसे बनाने का यह है तरीका
इस व्हिस्की को जापान के सबसे पुराने शराब कारखाने यामाज़ाकी डिस्टिलरी ऑफ संटोरी (Yamazaki Distillery of Suntory) में बनाया जाता है। इसके लिए बहुत सालों तक पीपों (cask) में स्टोर करके रखा जाता है। इस व्हिस्की में मौजूद फ्लेवर, कलर और टेक्सचर के लिए यही पीपों ख़ास भूमिका निभाता है। इसे स्टोर करने वाले पीपों (cask) को ख़ास तरह के मिज़ुनारा पेड़ की लकड़ी से बनाया जाता है। इस पीपों (cask) को बनाने के लिए इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि पेड़ करीब 200 साल पुराना हो। यह लकड़ी इतनी ख़ास होती है कि इससे बनें पीपों में शराब को रखने के बाद उसका फ्लेवर आम लकड़ी से बनें पीपों में रखी शराब से बिलकुल अलग हो जाता है।




































