RAIPUR. छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में छात्रसंघ गठन के लिए प्रक्रिया शुरू होते ही सियासत तेज हो गई। मेधावियों पर अपने संगठन से जुड़ने का दबाव छात्र संगठन बना रहे हैं। इस बीच, बड़ी खबर मिल रही है कि प्रदेश में इस बार भी छात्रसंघ चुनाव नहीं होगा। दरअसल, छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग ने एक बार फिर छात्र संघ चुनाव नहीं कराने का फैसला लिया है। पिछले साल की तरह ही इस साल भी कॉलेजों में मनोनयन के माध्यम से छात्र नेता चुने जाएंगे।
जानकारी के अनुसार रायपुर समेत प्रदेश के अधिकतर कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) और स्नातक (यूजी) की कक्षाओं में छात्राओं के अंक अधिक हैं। शहर के साइंस कॉलेज, महंत कॉलेज, दुर्गा कॉलेज, छत्तीसगढ़ कॉलेज में पीजी और यूजी की कक्षाओं में छात्राओं के अंक अधिक हैं। ऐसे में शहर के बड़े कॉलेजों में छात्राएं ही हुकूमत करेंगी।
युवाओं-विद्यार्थियों को गुमराह कर रही सरकार
इस मामले में भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विशाल शाही ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा कि चुनाव होना चाहिए और अब अपने ही निर्णय से पीछे हट रहे कांग्रेसी। हम महाविद्यालय से विश्वविद्यालय और प्रदेश स्तर पर इसका विरोध करेंगें।
एनएसयूआई चाहती है चुनाव हो
छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग के छात्र संघ चुनाव नहीं कराने के फैसले पर छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के सचिव आकाश कन्नौजिया ने कहा कि चुनाव होना चाहिए। एनएसयूआई के प्रदेश पदाधिकारी भी चुनाव चाहते है और प्रदेशाध्यक्ष नीरज पाण्डेय निरंतर इस पक्ष में रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव से भावी पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता का बेतहाशा विकास होता है।

ऐसे चुने जाएंगे छात्र संघ के नेता
जहां सिर्फ यूजी, वहां के लिए नियम
अध्यक्ष- किसी भी यूजी का भाग तीन का विद्यार्थी
उपाध्यक्ष- किसी भी यूजी का भाग तीन का विद्यार्थी
सचिव – किसी भी यूजी का भाग दो का विद्यार्थी
सह सचिव- किसी भी यूजी का भाग एक का विद्यार्थी
सीआर – यूजी के हर सेक्शन से
पीजी के लिए ऐसा होगा
अध्यक्ष- फाइनल ईयर या सेमेस्टर पीजी का विद्यार्थी
उपाध्यक्ष- फाइनल ईयर या सेमेस्टर पीजी का विद्यार्थी
सचिव – प्रीवियस ईयर या सेमेस्टर पीजी का विद्यार्थी
सह सचिव -प्रीवियस ईयर या सेमेस्टर पीजी का विद्यार्थी
सीआर – पीजी के हर सेक्शन से चुने जाएंगे





































