JANJGIR CHANPA NEWS. गुरुघासीदास जी के समतामूलक संघर्ष और गुरुबालकदास जी के अमर बलिदान को साकार करने के उद्देश्य से गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) के तत्वावधान में जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा क्षेत्र स्थित ग्राम ठड़गाबहरा के गुरुघासीदास चौक में एक अहम “सतनाम धर्म के लिए बैठक” आयोजित की गई। रविवार, 1 नवंबर 2026 को शाम 4:00 बजे से 6:30 बजे तक चली इस बैठक में सतनाम समुदाय के कार्यकर्ताओं और भारी संख्या में ग्रामीणजनों ने हिस्सा लिया।

बैठक की अध्यक्षता GSS के केंद्रीय प्रवक्ता वीरेंद्र भारद्वाज ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जांजगीर-चांपा के GSS जिला संयोजक सुशील अनंत और सह-वक्ता के रूप में मुंगेली के GSS जिला संयोजक साहेब रूपदास टंडन ने जनसमूह को संबोधित किया।

“सतनाम जाति नहीं, नीति है”
वक्ताओं ने गुरुघासीदास जी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में आवाज उठाई जब छुआछूत और असमानता चरम पर थी। उन्होंने सत्य, समता, परिश्रम और मानवता को धर्म का आधार माना। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि “सतनाम जाति नहीं, नीति है; जनांदोलन से विकसित धर्म-संस्कृति है।” साथ ही समाज के सूत्रवाक्य “हमर गुरु ज्ञान ए, सतनाम जैतखाम ए, बाकी सब गुरु भाई सत समाज ए” को दोहराते हुए शोषित वर्गों को एकजुट रहने का आह्वान किया गया।

अधिकारों के लिए संघर्ष और प्रमुख मांगें
गुरुबालकदास जी के बलिदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि धर्म, सम्मान और सामाजिक अधिकारों की रक्षा के लिए समझौता नहीं, बल्कि संघर्ष करना पड़ता है। बैठक में समाज के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर कई बड़े संकल्प लिए गए:
जनगणना 2027 में पृथक कोड: आगामी जनगणना में गुरुघासीदास प्रवर्तित ‘सतनाम धर्म’ के लिए अलग धार्मिक कोड दर्ज करने की पुरजोर मांग की गई। इसे समाज की सांस्कृतिक पहचान के लिए अनिवार्य बताया गया।
संविधान आदेश 1950 में संशोधन: सतनाम धर्मावलंबियों के हित में संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 में संशोधन के लिए संसद और छत्तीसगढ़ विधानसभा स्तर पर विधायी पहल करने का संकल्प लिया गया।
धार्मिक स्थलों पर लोकतांत्रिक अधिकार: सतनाम धर्म से जुड़े स्थलों और परिसंपत्तियों को गुरु-महंतों या निजी हाथों से मुक्त कर, आम सतनाम धर्मियों के वयस्क मताधिकार से चुनी गई प्रतिनिधि संस्था को सौंपने की मांग उठी। इसके लिए ‘सतनाम धर्म स्थल प्रबंधन कानून’ बनाने की वकालत की गई।
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कैडर क्लास और वैचारिक क्रांति
बैठक में GSS प्रमुख सम्माननीय लखन सुबोध द्वारा की गई ऐतिहासिक खोजों का भी जिक्र किया गया। बताया गया कि नई पीढ़ी को गुरुओं के वास्तविक इतिहास और संघर्ष से अवगत कराने के लिए दो दिवसीय कैडर क्लास आयोजित की जा रही है, ताकि समाज में वैचारिक और संगठनात्मक मजबूती आ सके।
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शोषितों को बांटने की साजिशों की निंदा
सतनामियों और अन्य शोषित वर्गों की एकता को तोड़ने और नफरत फैलाने के प्रयासों की बैठक में कड़ी निंदा की गई। समाज ने संकल्प लिया कि शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मार्ग पर चलते हुए समता, न्याय और मानवाधिकार के लिए साझा संघर्ष जारी रहेगा।
ईश्वरी टोंडे के लिए 6 नवंबर को बड़ा प्रदर्शन
बैठक के अंत में एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई। ईश्वरी टोंडे की संदिग्ध हत्या के मामले में पुलिसिया मनमानी के खिलाफ आगामी 6 नवंबर 2026 को मुंगेली जिले के लालपुर में एक विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक के आयोजन में डेमन बंजारे, लालू कुमार, अभय दिवाकर, अभिषेक गेंदले, शुभम दिवाकर, राहुल कुर्रे, विवेक कुमार बंजारे, दिलहरन दिवाकर, पार्षद रामखिलावन कुर्रे, संतोष कुमार सतनामी, गिरीश दिवाकर और मदनलाल रत्नाकर की सक्रिय और प्रमुख भूमिका रही।





































