RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव संपदा को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिंगापुर के Mandai Wildlife Reserve का दौरा किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ पहुंचे साय ने यहां वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवास के प्रबंधन, पर्यटकों के अनुभव और आधुनिक सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर में वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अपनाए गए सफल अनुभवों से छत्तीसगढ़ सीख ले सकता है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं को ज्यों का त्यों लागू करने के बजाय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और जैव-विविधता के अनुरूप मॉडल तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ पर्यटन तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

Mandai Wildlife Reserve में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक परिवेश में वन्यजीव संरक्षण, पर्यटक सुविधाओं, प्रबंधन व्यवस्था और जागरूकता गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में इको-टूरिज्म का विकास उसकी अपनी प्राकृतिक और जैव-विविधता संबंधी विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। साय के मुताबिक, ऐसा मॉडल तैयार करने की जरूरत है जिसमें पर्यटन बढ़ने के साथ जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहें। साथ ही स्थानीय समुदायों, ग्रामीणों और युवाओं के लिए आय के नए अवसर भी विकसित हों।

छत्तीसगढ़ के कुल भौगोलिक क्षेत्र का करीब 44 प्रतिशत हिस्सा रिकॉर्डेड फॉरेस्ट एरिया है। भारत सरकार के इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 के अनुसार राज्य में 59,816 वर्ग किलोमीटर रिकॉर्डेड फॉरेस्ट एरिया है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 44.25 प्रतिशत है। बस्तर से सरगुजा तक फैले जंगल, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और जैव-विविधता छत्तीसगढ़ को प्रकृति आधारित पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण आधार देते हैं। राज्य पर्यटन बोर्ड भी वन्यजीव और प्राकृतिक पर्यटन को अपनी पर्यटन गतिविधियों का हिस्सा बना रहा है।

बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन की संभावनाएं
कांगेर घाटी, इंद्रावती, अचानकमार और उदंती-सीतानदी जैसे क्षेत्र छत्तीसगढ़ की वन्यजीव और प्राकृतिक पर्यटन क्षमता को सामने रखते हैं। राज्य में पहले से मौजूद जंगल सफारी, वन्यजीव अभयारण्य और इको-टूरिज्म गतिविधियों को आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और स्थानीय भागीदारी से जोड़ने की संभावनाएं हैं। Mandai Wildlife Reserve के अनुभव के आधार पर छत्तीसगढ़ में संरक्षण, पर्यटक सुविधा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जा सकता है। इससे जंगल आधारित पर्यटन को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों तक विस्तार देने का रास्ता खुल सकता है।

SING Forum 2026 में शामिल होने पहुंचे हैं साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन पर सिंगापुर में आयोजित पहले Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 में शामिल होने पहुंचे हैं। इस दौरे के दौरान निवेश और आर्थिक सहयोग के साथ पर्यटन तथा हरित विकास से जुड़े अवसरों पर भी फोकस है। मुख्यमंत्री का Mandai Wildlife Reserve दौरा इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां सिंगापुर की व्यवस्थाओं को समझकर छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों के अनुरूप इको-टूरिज्म विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।





































