NEW DELHI NEWS. फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित माछर (Machchhar) पर हमले के बाद ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अल-हमामी को 2024 में ओमान एयर में प्रशिक्षण के दौरान कथित कट्टरपंथी सामग्री सामने आने के बाद उड़ान से प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद उसने बाद में अन्य एयरलाइनों में काम किया और करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हमामी ने ओमान एयर में करीब सात साल काम किया था। 2024 में को-पायलट प्रशिक्षण के दौरान कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री सामने आने के बाद उसे उड़ान से रोक दिया गया था।

इसके बाद उसने रॉयल एयर मैरोक में भी काम किया और 2026 की शुरुआत में फ्लाईदुबई से जुड़ा। उसके सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े कुछ कथित पोस्ट और वीडियो की भी जांच की जा रही है। रिपोर्टों में अल-कायदा से जुड़े लोगों की प्रशंसा वाले कंटेंट का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि गिरफ्तारी के बाद अल-हमामी के सामान से ‘Free Palestine’ लिखे पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिली।

साथ ही, उसके कथित इजरायल-विरोधी विचारों की भी जांच की जा रही है। इन दावों के आधार पर जांच एजेंसियां उसके संभावित मकसद और किसी व्यापक आतंकी कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों की जांच पूरी होने से पहले इन दावों को अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इजरायली और यूएई अधिकारी घटना के पीछे की वजह और संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, इजरायली अधिकारी अल-हमामी से पूछताछ कर सकते हैं। वह घटना के बाद सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया था और बाद में उसे यूएई भेजा गया। जांच में उसके कथित मकसद, पृष्ठभूमि और संभावित आतंकवादी कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है।

फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को कॉकपिट में हुए हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आया था। भारतीय कैप्टन स्मित माछर घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। घटना के बाद फ्लाईदुबई के CEO गैथ अल गैथ ने कैप्टन, विमान को सुरक्षित उतारने में मदद करने वाले पायलटों और केबिन क्रू के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में क्रू की मदद करने वाले यात्रियों का भी आभार जताया।

जांच पूरी होने तक कई सवालों के जवाब बाकी
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने अधिकारियों के अनुरोध पर तेल अवीव के लिए उड़ानें अगले आदेश तक अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉकपिट में हमला क्यों हुआ, को-पायलट का मकसद क्या था और क्या उसके किसी संगठन या अन्य व्यक्ति से संबंध थे। फिलहाल इन सवालों पर अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।



































