GANESH VISARJAN: 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर देशभर में गणपति बप्पा को भक्तिभाव के साथ विदाई दी जाएगी। घरों और पंडालों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

विसर्जन के दौरान अक्सर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों और विसर्जन स्थलों पर पहुंचते हैं। भीड़, जल्दबाजी या पानी के तेज बहाव जैसी परिस्थितियों में कई बार गणपति की प्रतिमा का कोई हिस्सा टूट जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसी स्थिति हो जाए तो घबराने या इसे किसी अनहोनी का संकेत मानकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी स्थिति में बप्पा से क्षमा मांगकर प्रतिमा के टूटे हुए हिस्सों का भी सम्मानपूर्वक विसर्जन करना चाहिए।

सबसे पहले गणपति बप्पा से क्षमा मांगें
यदि विसर्जन से पहले गणपति की प्रतिमा खंडित हो जाए तो सबसे पहले हाथ जोड़कर भगवान गणेश का स्मरण करें और उनसे क्षमा प्रार्थना करें। इसके बाद प्रतिमा को पूजा स्थल से सम्मानपूर्वक हटाकर विसर्जन के लिए ले जाएं।

यदि प्रतिमा आरती से पहले ही टूट जाए तो बप्पा के सामने दीपक जलाकर अक्षत अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद प्रतिमा के सभी हिस्सों को एकत्र करके सम्मानपूर्वक विसर्जित करने की परंपरा बताई जाती है।
टूटे हुए हिस्सों को कूड़े में न फेंकें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणपति की प्रतिमा का कोई हिस्सा टूट जाए तो उसे कूड़ेदान में या किसी अन्य स्थान पर नहीं फेंकना चाहिए। टूटे हुए सभी हिस्सों को सावधानी से एकत्र करें और विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करें।
विसर्जन के दौरान फूल, नारियल आदि अर्पित करके प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विदाई दी जा सकती है। यदि परिवार की परंपरा या स्थानीय धार्मिक नियम अलग हों, तो किसी आचार्य या पुरोहित से सलाह लेना उचित माना जाता है।
घर में मूर्ति खंडित हो जाए तो क्या करें?
कई बार विसर्जन स्थल तक पहुंचने से पहले ही घर में गणपति की प्रतिमा गलती से टूट सकती है। ऐसी स्थिति में भी घबराने की जरूरत नहीं है। पहले भगवान गणेश से क्षमा मांगें और फिर खंडित प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पूजा स्थल से हटाएं।
इसके बाद प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाएं और विधि के अनुसार उसका सम्मानपूर्वक विसर्जन करें। धार्मिक परंपराओं में इस बात पर जोर दिया जाता है कि जिस श्रद्धा और विधि-विधान से बप्पा की स्थापना की गई है, उसी भाव से उनकी विदाई भी की जाए।
क्या खंडित मूर्ति अशुभ संकेत है?
कई स्थानों पर ऐसी मान्यता है कि देवी-देवताओं की मूर्ति खंडित होना अशुभ हो सकता है। हालांकि, प्रतिमा का टूटना कई बार दुर्घटनावश या परिस्थितियों के कारण भी हो सकता है।
ऐसी स्थिति में इसे लेकर मन में डर या किसी अनहोनी की आशंका रखने के बजाय भगवान से क्षमा मांगकर आगे की पूजा-विसर्जन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है।
धर्म-ज्योतिष में आम तौर पर खंडित मूर्ति की नियमित पूजा नहीं करने की सलाह दी जाती है। लेकिन गणपति विसर्जन के दौरान दुर्घटनावश प्रतिमा खंडित होने की स्थिति में उसे वापस घर लाकर दोबारा स्थापित करने के बजाय सम्मानपूर्वक विसर्जित करने की परंपरा बताई जाती है।
बप्पा की विदाई श्रद्धा और सम्मान से करें
गणपति उत्सव का समापन भक्तों के लिए भावुक पल होता है। इसलिए विसर्जन के समय जल्दबाजी करने के बजाय शांति और श्रद्धा के साथ प्रक्रिया पूरी करें। अगर प्रतिमा का कोई हिस्सा टूट भी जाए तो उसे अनादरपूर्वक फेंकने के बजाय सम्मान के साथ विसर्जित करें।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों, परिवारों और संप्रदायों में गणपति पूजा और विसर्जन की विधि अलग हो सकती है। किसी विशेष परिस्थिति में अपने स्थानीय पुरोहित, आचार्य या गुरु की सलाह को प्राथमिकता दें।




































