DURG NEWS. आमजन को त्वरित, सुलभ और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने तेज कर दी हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग सहित जिले में आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से निराकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में लोक अदालत को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही की जा रही है। लंबित प्रकरणों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित पक्षकारों से संपर्क कर उन्हें समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

प्री-सिटिंग में समझौते की तलाश
लोक अदालत में रखे जाने वाले प्रकरणों के प्रभावी निराकरण के लिए प्री-सिटिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत पक्षकारों के बीच विवाद के मूल कारणों को समझने के साथ ही आपसी सहमति की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। पक्षकारों को लोक अदालत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान करने के फायदे भी बताए जा रहे हैं।

विभागों और न्यायालयों के बीच समन्वय
लोक अदालत में अधिक से अधिक पात्र प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न संबंधित विभागों, न्यायालयों, विधिक सहायता तंत्र और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय किया जा रहा है। संबंधित विभागों से प्रकरणों की जानकारी लेकर उन्हें चिन्हांकित किया जा रहा है, ताकि समझौते योग्य मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखा जा सके।
समय और खर्च दोनों से मिलेगी राहत
लोक अदालत को विवादों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम माना जाता है। यहां पक्षकार आपसी सहमति से अपने विवाद का समाधान कर सकते हैं। इससे लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया, समय और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलने की संभावना रहती है।

पक्षकारों से शामिल होने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका कोई प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे जाने योग्य है या किसी विवाद का समाधान आपसी समझौते से संभव है, तो वे 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं। प्राधिकरण का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर आमजन को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है।





































