DELHI LAKSHMI YOJANA नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली अपनी प्रमुख योजना ‘महिला समृद्धि योजना’ का नाम बदलकर अब ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने इस योजना को अगले महीने रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की समीक्षा बैठक
योजना के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के लागू होने में किसी भी तरह की प्रशासनिक परेशानी नहीं आनी चाहिए।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण विकसित भारत की नींव है। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सक्षम होती है, तो इसका सकारात्मक असर परिवार, समाज और देश की प्रगति पर पड़ता है।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए पात्रता के नियम भी तय कर दिए गए हैं। इसके अनुसार—
- लाभार्थी महिला या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
- परिवार में सबसे अधिक उम्र वाली महिला ही योजना के लिए पात्र होगी।
- एक परिवार से केवल एक महिला को ही लाभ मिलेगा।
- परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- महिला या उसके परिवार के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
- जो महिलाएं पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही हैं, वे पात्र नहीं होंगी।
- चार पहिया वाहन रखने वाले परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- लाखों महिलाओं को मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राजधानी की लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। सरकार का कहना है कि ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य है।





































