केरल के त्रिशूर जिले में एंटी-नारकोटिक्स स्पेशल एक्शन फोर्स ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 308 ग्राम सिंथेटिक ड्रग MDMA बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ड्रग्स छिपाने के लिए बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया था।

गुप्त सूचना के बाद हाईवे पर घेराबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि पलक्कड़ के एक रिसॉर्ट से MDMA की खेप त्रिशूर लाई जा रही है। सूचना के आधार पर वनियामपारा हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई।

महिला के गुप्तांग में छिपाई थी MDMA
शुरुआती तलाशी में कुछ नहीं मिला। संदेह होने पर महिला पुलिसकर्मियों ने कार में सवार दो महिलाओं की विस्तृत जांच की। पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने करीब दो ग्राम MDMA अपने गुप्तांग (प्राइवेट पार्ट) में छिपाकर रखी थी, ताकि जांच के दौरान पकड़ी न जाए। इसके बाद कार में सवार चारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

घर और वर्कशॉप से मिला बड़ा जखीरा
पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी के घर पर छापा मारा, जहां से 18 ग्राम MDMA बरामद हुई। इसके बाद मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर चावक्कड स्थित एक एल्युमीनियम फैब्रिकेशन वर्कशॉप में छापेमारी की गई। वहां छिपाकर रखे गए तीन पैकेटों से 288 ग्राम MDMA बरामद हुई और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

युवाओं तक पहुंच रहा था ड्रग्स नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, यह हाल के महीनों में त्रिशूर जिले में MDMA की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह युवाओं और कॉलेज छात्रों तक ड्रग्स पहुंचाने का काम करता था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, इसके मुख्य सरगना और ड्रग्स सप्लाई चेन की जांच कर रही है।






































