RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में मानसून अवधि के दौरान रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लागू होने से पहले ही अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र में पैरी नदी से अवैध रेत उत्खनन करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों और एक हाईवा वाहन को जब्त किया गया है।

दरअसल, संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा 9 जून 2026 को सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइन-2016 एवं एनफोर्समेंट एंड मॉनिटरिंग गाइडलाइन-2020 के तहत 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक वर्षा ऋतु में रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में राज्य की नदियों में किसी भी प्रकार का रेत खनन नहीं किया जाएगा तथा सभी जिलों में इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वीकृत रेत भंडारण स्थलों के माध्यम से आवश्यक रेत की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जानकारी के अनुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने 8 जून 2026 को गरियाबंद जिले के राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौण खनिज साधारण रेत का उत्खनन मशीनों के माध्यम से नियमों के विरुद्ध किया जा रहा था। जांच के बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सील कर दिया गया। वहीं खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जब्त कर सुरक्षार्थ राजिम थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और खनिज संपदा के वैध उपयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




































