RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर में सीआरपीएफ कैंपों पर हुए बड़े माओवादी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट धर्मावरम क्षेत्र में स्थापित नए कैंप पर हुए हमले से जुड़ी है, जिसमें सीआरपीएफ के करीब एक दर्जन जवान घायल हुए थे। बता दें कि पहले 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है।

जांच के मुताबिक, 16 जनवरी 2024 को माओवादियों ने बीजापुर जिले के धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड स्थित सीआरपीएफ कैंपों पर एक साथ समन्वित हमला किया था। बताया गया है कि इस हमले में करीब 300 माओवादी शामिल थे, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। नक्सल नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर फोर्स काम कर ही है।

NIA की सप्लिमेंट्री चार्जशीट में तीन गिरफ्तार माओवादियों अवलम भीमा, मदकम नंदा, मदकम देवा उर्फ रतन के साथ ही तीन फरार आरोपियों को भी नामजद किया गया है। इन सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता (IPC), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मामले में 17 माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ताजा सप्लिमेंट्री चार्जशीट में हमले से जुड़े नए सबूत और अतिरिक्त आरोप भी अदालत के सामने पेश किए गए हैं।

जांच एजेंसी की यह कार्रवाई माओवादी नेटवर्क को तोड़ने और सुरक्षा बलों पर हमलों के पीछे सक्रिय मॉड्यूल्स की पहचान करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सप्लिमेंट्री चार्जशीट से जांच का दायरा और मजबूत होता है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में भी तेजी आने की संभावना है।



































