KANKER NEWS. छत्तीसगढ़ में इन दिनों ‘घर वापसी’ का सिलसिला तेज़ होता जा रहा है। बीते कुछ दिनों में सैकड़ों लोग ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं। ताज़ा मामला कांकेर ज़िले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां तरांदुल गांव के 7 परिवारों के कुल 48 लोगों ने सनातन धर्म को पुनः अपना लिया।

मिली जानकारी के अनुसार, भानुप्रतापपुर विकासखंड के तरांदुल गांव में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में इन सभी लोगों ने मंत्रोच्चारण और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ ईसाई धर्म छोड़कर सनातन धर्म में वापसी की। कार्यक्रम के दौरान गांव के मुखिया और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने सार्वजनिक रूप से अपने मूल धर्म में लौटने की घोषणा की और विधि-विधान के साथ घर वापसी की प्रक्रिया पूरी की।

बताया जा रहा है कि इन परिवारों ने करीब तीन साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था। अब धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा सनातन धर्म में शामिल हुए।


इससे पहले भी भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम घोठा में एक परिवार के 3 वयस्क और 2 बच्चों समेत कुल 5 लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल धर्म में वापसी की थी। वहीं कवर्धा ज़िले में भी 140 से अधिक लोगों ने ईसाई धर्म त्यागकर हिंदू धर्म अपनाया। इस कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा ने स्वयं लोगों के चरण धोकर उनकी घर वापसी कराई थी।

गौरतलब है कि आमाबेड़ा क्षेत्र में हुए विवाद के बाद प्रदेश में घर वापसी के मामले बढ़ते जा रहे हैं और अब तक सैकड़ों लोग अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं।




































