BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ी राहत देते हुए सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नियमित जमानत प्रदान कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। चौरसिया लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थीं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सुनवाई
गौरतलब है कि 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर करने का निर्देश दिया था। साथ ही हाईकोर्ट को दो सप्ताह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेने को कहा गया था। इसी क्रम में हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी।

ED और EOW की कार्रवाई
शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वे उस कथित सिंडिकेट का हिस्सा थीं, जिसने शराब नीति में हेरफेर कर राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।

जमानत की शर्तें कड़ी
हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी निर्धारित की हैं। सूत्रों के अनुसार, इन शर्तों के पालन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के चलते फिलहाल उनका तत्काल जेल से बाहर आना आसान नहीं माना जा रहा है।

अन्य मामलों में बढ़ी चुनौतियां
हालांकि शराब घोटाले में जमानत मिल गई है, लेकिन सौम्या चौरसिया के सामने कानूनी मुश्किलें अभी समाप्त नहीं हुई हैं। उनके खिलाफ कथित कोयला लेवी घोटाला और आय से अधिक संपत्ति जैसे मामलों की जांच जारी है। EOW ने हाल ही में उनके विरुद्ध एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का उल्लेख किया गया है।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और अन्य मामलों में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।




































