BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जज दंपती के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। राजकिशोर नगर में जन्मदिन के जश्न के दौरान तेज नगाड़े और आतिशबाजी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया। इस मामले में प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर न्यायाधीश और उनकी पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, महासमुंद कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी अपने ससुराल राजकिशोर नगर आए हुए थे। 31 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे अचानक तेज नगाड़ों और आतिशबाजी की आवाज से परिवार की नींद खुल गई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान इलाके में प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ अपने साथियों के साथ जन्मदिन का जश्न मना रहा था।

शोर-शराबे से परेशान होकर न्यायाधीश सोनवानी नीचे पहुंचे और युवकों से देर रात तक तेज आवाज में जश्न मनाने को लेकर पूछताछ की। इस दौरान मौके पर युवकों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और युवकों ने न्यायाधीश तथा उनकी पत्नी के साथ हुज्जतबाजी करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और साथियों पर FIR
घटना के बाद न्यायाधीश पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभय बरुआ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
जज सोनवानी के खिलाफ भी दर्ज हुआ मामला
मामले में नया मोड़ तब आया, जब दूसरे पक्ष के विनय वैद्य ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, उनकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया है।
जज के खिलाफ FIR को लेकर उठे कानूनी सवाल
इस पूरे मामले में अब न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए हाईकोर्ट की अनुमति जरूरी हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में लागू कानूनी प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।





































