LUCKNOW NEWS. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास वोट चोरी के आरोपों का कोई सबूत नहीं है और कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद हैं। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहती है और राजनीतिक टकराव के जरिए देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। राजनाथ सिंह इन दिनों लखनऊ के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। आज यानी 16 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने दिल्ली में हाल में हुए घटनाक्रम, चुनाव सुधार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की राजनीति पर भी टिप्पणी की।

रक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में हाल के घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता की दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और असहमति की अपनी जगह है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के बयानों से सत्ता परिवर्तन की मंशा जाहिर होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेश के घटनाक्रम से प्रेरणा लेकर भारत में भी शासन बदलने की बात कर रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा, “यह साफ करता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या युवाओं के भविष्य को लेकर नहीं, बल्कि अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करने की है।

राजनाथ सिंह के ये आरोप कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति को लेकर उनके बयान हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस का पक्ष या इन आरोपों के जवाब का विवरण उपलब्ध नहीं है। लखनऊ दौरे के तीसरे दिन से पहले शुक्रवार को राजनाथ सिंह का कार्यक्रम विभिन्न मुलाकातों और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का भी है। वह कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर अलग-अलग सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा रक्षा मंत्री विभिन्न क्षेत्रों में जाकर शोक संतप्त परिवारों से मिलेंगे और दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।






































