NEW DELHI NEWS. जीएसटी लागू होने के करीब नौ साल बाद टैक्स सिस्टम में एक बड़ा बदलाव संभव है। केंद्र सरकार GST अधिकारियों को मिली गिरफ्तारी की शक्ति हटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर 7 अक्टूबर 2026 को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में चर्चा हो सकती है। हालांकि, अभी यह केवल प्रस्ताव है और गिरफ्तारी की मौजूदा शक्ति खत्म नहीं हुई है। अगर प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो GST कानून में संशोधन करना होगा। इसके बाद सरकार इसे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। प्रस्ताव का उद्देश्य गंभीर टैक्स धोखाधड़ी पर कार्रवाई का रास्ता बनाए रखते हुए GST अधिकारियों की सीधे गिरफ्तारी करने की शक्ति को हटाना है।

मौजूदा CGST Act की धारा 69 के तहत कमिश्नर को कुछ गंभीर GST अपराधों में गिरफ्तारी की मंजूरी देने का अधिकार है। इसमें फर्जी बिल, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करना और जानबूझकर टैक्स चोरी जैसे मामले शामिल हो सकते हैं। गिरफ्तारी के लिए कमिश्नर के पास यह मानने का आधार होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति ने कानून में बताए गए अपराध किए हैं। सरकार ने पहले ही गिरफ्तारी और जमानत को लेकर अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें यह स्पष्ट किया गया था कि केवल कानून में गिरफ्तारी की अनुमति होने के आधार पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।

गिरफ्तारी के आंकड़े क्या बताते हैं?
मामले की गंभीरता और आरोपी की भूमिका जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखने की बात कही गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2021-22 से 2024-25 (दिसंबर 2024 तक) केंद्रीय GST फॉर्मेशन ने कुल 72,393 GST अपराध के मामले दर्ज किए। इनमें 887 लोगों की गिरफ्तारी हुई। यह आंकड़ा केवल केंद्रीय GST फॉर्मेशन का है, इसमें राज्य GST अधिकारियों की गिरफ्तारियां शामिल नहीं हैं।
वित्त वर्ष GST अपराध के मामले गिरफ्तारियां
2021-22 12,574 342
2022-23 15,562 190
2023-24 20,582 223
2024-25* 23,675 132
कुल 72,393 887
*2024-25 का आंकड़ा दिसंबर 2024 तक का है।

कंपनियों और कारोबारियों की चिंता बनी वजह?
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले करीब 8-9 महीनों से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच GST के तहत गिरफ्तारी की शक्ति को लेकर चर्चा चल रही है। कारोबारियों और कंपनियों की ओर से जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर चिंताएं सामने आती रही हैं। खास तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर उद्योग जगत में सवाल उठते रहे हैं। प्रस्तावित बदलाव में कोशिश यह बताई जा रही है कि गंभीर और जानबूझकर किए गए टैक्स फ्रॉड पर कार्रवाई बनी रहे, लेकिन सामान्य कारोबारी मामलों में GST अधिकारियों के पास सीधे गिरफ्तारी की शक्ति न हो।

गंभीर फ्रॉड में फिर कैसे होगी कार्रवाई?
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति हटाई जाती है तो गंभीर धोखाधड़ी और जानबूझकर किए गए आपराधिक मामलों में सामान्य आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा सकता है। इसमें भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई का विकल्प बताया जा रहा है। अब नजर 7 अक्टूबर की GST काउंसिल बैठक पर है। बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। यदि इसे आगे बढ़ाने पर सहमति बनती है तो GST कानून में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद संसद में विधेयक लाया जा सकता है। रिपोर्ट्स में आगामी शीतकालीन सत्र का जिक्र किया गया है।





































