RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) में छात्र राजनीति और छात्रहितों की आवाज को और बुलंद करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस नई टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन तालमेल देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्रों के हक़ के लिए संघर्ष करने वाले भूषण शर्मा को इकाई अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है, जबकि भटगांव में एसएफएस संयोजक के रूप में शानदार काम कर चुके तुषार साहू को इकाई मंत्री का दायित्व दिया गया है।

अनुभव को मिला ईनाम
नवनियुक्त अध्यक्ष भूषण शर्मा के लिए यह कोई नई पिच नहीं है। वे इससे पहले भी विश्वविद्यालय इकाई में उपाध्यक्ष और मंत्री जैसे अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। छात्रों के बीच उनकी गहरी पैठ और संगठन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए परिषद ने एक बार फिर उन पर यह बड़ा भरोसा जताया है।

इन युवा चेहरों को मिली उपाध्यक्ष और सहमंत्री की जिम्मेदारी
विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है।
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उपाध्यक्ष: शिवम सिंह, अविनाश ठाकुर, खुशबू चंद्रवंशी और अर्पित सिंह।
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सहमंत्री: तनीष्क मिश्रा, पंचू पटेल, भिवानी सिन्हा और कृष्णा ठाकुर।

विभिन्न विभागों और आयामों के प्रमुख तय
नई टीम में खेल, कला, शिक्षा और समाज सेवा जैसे हर पहलू को कवर किया गया है। इसके लिए विशेष संयोजकों की नियुक्ति की गई है:
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SFS (Student for Sewa): ट्विंकल देवांगन (संयोजक), सुमित शाह (सह-संयोजक)
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SFD: पूनम चंद्रवंशी (संयोजक), पूर्वा (सह-संयोजक)
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खेलो भारत: स्नेहा ग्रेस थॉमस (संयोजक), सूरज साहू (सह-संयोजक)
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राष्ट्रीय कला मंच: साक्षी साहू (संयोजक), भारती पटेल (सह-संयोजक)
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सोशल मीडिया: तुषार सिन्हा (संयोजक)
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स्टडी सर्कल एवं शोध: अभ्युदय मिश्रा (प्रमुख) और गिरधर साहू (शोध संयोजक)
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विधि विभाग: स्वभाव अग्रवाल और लीतिन मौर्य
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छात्रावास एवं विभाग प्रमुख: अस्मित राज फूटाने (बॉयज हॉस्टल पावरग्रिड), राहुल साहू (गांधी हॉस्टल), यश बजाज (योग विभाग) और तेजस्विनी निषाद (जूलॉजी विभाग)।
इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में गणेश्वरी सिंह, माही, आलोक रौतिया, आयुष साहू, चिरंजीव साहू और विनय को शामिल किया गया है।
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‘ज्ञान, शील, एकता’ के संकल्प के साथ करेगी काम
घोषणा के बाद नई कार्यकारिणी ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास और परिसर में एक सकारात्मक, राष्ट्रहित से प्रेरित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है। टीम ने संगठन के मूल मंत्र “ज्ञान, शील, एकता” को सर्वोपरि रखते हुए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं, छात्रावास की समस्याओं और छात्रों के अधिकारों के लिए निरंतर जमीनी स्तर पर संघर्ष करने का संकल्प लिया है।





































