SURAJPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सिलफिली हाई स्कूल में सोमवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रिंसिपल को हटाने की मांग की। छात्रों ने प्रिंसिपल पर छात्राओं के साथ कथित अशोभनीय व्यवहार, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और शराब के नशे में स्कूल आने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

प्रिंसिपल पर छात्राओं से अभद्र व्यवहार का आरोप
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं का कहना था कि वे लंबे समय से प्रिंसिपल के व्यवहार से परेशान हैं। आरोप है कि प्रिंसिपल छात्राओं से ठीक तरीके से बात नहीं करते और कई बार अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। छात्राओं ने कहा कि उनके व्यवहार से स्कूल का माहौल प्रभावित हो रहा है और वे खुद को असहज महसूस करती हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।

महिला कर्मचारी ने भी लगाए आरोप
स्कूल की एक महिला चपरासी ने भी प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की है। महिला कर्मचारी का आरोप है कि प्रिंसिपल उनके साथ अभद्र तरीके से बात करते थे और उन्हें परेशान किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि एक बार प्रिंसिपल उनके घर तक भी पहुंचे थे। कर्मचारी के मुताबिक, विरोध करने पर नौकरी और पदोन्नति से जुड़ी धमकियां भी दी जाती थीं।

शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप
छात्रों ने प्रिंसिपल पर कई बार शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि इससे स्कूल का अनुशासन और पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है। विद्यार्थियों ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों और स्कूल स्टाफ से बातचीत कर स्थिति को समझने की कोशिश की। शुरुआत में छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

15 दिन में जांच रिपोर्ट का आश्वासन
मामले को शांत कराने के लिए तहसीलदार चंद्रशिला जयसवाल ने छात्रों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपों की जांच के लिए समिति गठित की जाएगी और करीब 15 दिनों में रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपी जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और स्कूल का ताला खोल दिया। वहीं, आरोपों को लेकर प्रिंसिपल ईश्वर दत्त खलखो ने मीडिया से विस्तृत बातचीत करने से इनकार कर दिया। उन्होंने मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।





































