RASHIFAL AND PANCHANG. सावन का महीना शिव भक्तों के लिए सबसे प्रिय होता है और 24 अगस्त 2026, सोमवार को इस पावन महीने का समापन होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो सुबह 06:21 बजे तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन सावन का आखिरी सोमवार है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रात 08:29 बजे तक रहेगा और प्रीति योग सुबह 07:05 बजे तक, फिर आयुष्मान योग बनेगा। आखिरी सोमवार पर भगवान शिव की विशेष पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

विस्तार से पंचांग – 24 अगस्त 2026, सोमवार
दिन-वार: सोमवार, चंद्र वार
माह: श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी
तिथि: शुक्ल द्वादशी – सुबह 06:21 तक, उसके बाद शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा – रात 08:29 तक, उसके बाद उत्तराषाढ़ा
योग: प्रीति – सुबह 07:05 तक, उसके बाद आयुष्मान
करण: बव – शाम 05:23 तक
सूर्योदय: 05:54 बजे, सूर्यास्त: 06:36 बजे
चंद्र राशि: धनु
सूर्य राशि: सिंह

शुभ-अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: 11:50 AM से 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:24 AM से 05:09 AM
अमृत काल: 03:08 PM से 04:55 PM
गोधूलि मुहूर्त: 06:34 PM से 06:58 PM
राहुकाल: 07:30 AM से 09:05 AM – इस दौरान नया कार्य न करें
यमगण्ड: 10:40 AM से 12:15 PM
गुलिक काल: 01:50 PM से 03:25 PM
दिशा शूल: पूर्व दिशा में यात्रा वर्जित
चंद्र बल: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन राशि के लिए शुभ

24 अगस्त 2026 का राशिफल
मेष: सावन के आखिरी सोमवार पर शिव कृपा से रुके काम पूरे होंगे। व्यापार में मोटा लाभ योग है।
वृषभ: चंद्रमा अष्टम में है, विशेष सावधानी रखें। सेहत पर ध्यान दें।
मिथुन: चंद्र बल शुभ है, नौकरी में प्रमोशन के योग। पारिवारिक सुख मिलेगा।
कर्क: सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। प्रॉपर्टी से लाभ।

सिंह: आत्मविश्वास बढ़ेगा। करियर में नई पहचान बनेगी।
कन्या: शुभ काल है, सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन।
तुला: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। दांपत्य जीवन में मधुरता।
वृश्चिक: शुभ काल, निवेश के लिए अच्छा दिन।
धनु: चंद्रमा आपकी ही राशि में है, मान-सम्मान बढ़ेगा। शिव पूजन जरूर करें।
मकर: खर्चों पर नियंत्रण रखें। रिश्तेदारों से गिफ्ट मिल सकता है।
कुंभ: लंबी यात्रा का योग है, लाभ होगा। शुभ समाचार मिलेगा।
मीन: चंद्र बल शुभ, आध्यात्मिक उन्नति होगी। सावन के आखिरी सोमवार पर जलाभिषेक करें।


































