KAWARDHA NEWS. कवर्धा में 3.75 लाख रुपए की पुरानी उधारी चुकाने के लिए रची गई साजिश ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का राज खोल दिया। आरोपी ने रकम लौटाने के बजाय 4.50 लाख रुपए के 500-500 के जाली नोट काले बैग में रखकर अपने साथी के हाथों लेनदार तक पहुंचाए। नोटों के कागज और रंग पर शक हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच आगे बढ़ी तो नया बस स्टैंड के पास किराए के कमरे में चल रही नकली नोटों की पूरी फैक्ट्री का खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक अप्रैल 2026 में घुरवा राम ने ग्राम कमरा खोल निवासी दिनेश यादव से 3.75 लाख रुपए उधार लिए थे।

रकम वापस मांगने पर 9 अगस्त की रात पोंडी स्थित शराब दुकान के पास घुरवा राम ने अपने साथी सतीश कुमार के जरिए दिनेश को काला बैग दिया। इसमें 500-500 रुपए के नोट थे, जिनकी कुल कीमत 4.50 लाख रुपए बताई गई। दिनेश को नोटों के कागज और रंग पर संदेह हुआ। उसने इसकी शिकायत पोंडी चौकी में की। पुलिस ने नोटों की जांच के साथ आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो नकली नोट छापने के बड़े खेल का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि रामप्रसाद उर्फ रमऊ और सतीश कुमार ने 13 जुलाई को कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद नया बस स्टैंड के पास 5 हजार रुपए में कमरा किराए पर लिया गया। आरोप है कि इसी कमरे में नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपी कलर प्रिंटर की मदद से 100, 200 और 500 रुपए के जाली नोट तैयार करते थे। करीब एक महीने के भीतर 12.50 लाख रुपए मूल्य के नकली नोट तैयार किए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस की जांच में तीनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका सामने आई है। रामप्रसाद उर्फ रमऊ ने नया बस स्टैंड के पास कमरा किराए पर लिया और नकली नोट तैयार करने के लिए कलर प्रिंटर की व्यवस्था की। रामप्रसाद और घुरवा राम पर किराए के कमरे में 100, 200 और 500 रुपए के जाली नोट तैयार करने का आरोप है। वहीं रामप्रसाद और सतीश तैयार नकली नोटों को आगे पहुंचाने का काम करते थे। 9 अगस्त की रात भी दोनों 4.50 लाख रुपए के जाली नोट उधारी चुकाने के नाम पर देने पहुंचे थे।

किराएदार सत्यापन पर भी सवाल
मामला सिर्फ नकली नोटों की छपाई तक सीमित नहीं है। आरोपियों ने शहर के नए बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में कमरा किराए पर लेकर वहां कथित तौर पर जाली नोट तैयार किए। ऐसे में किराएदारों के पुलिस सत्यापन की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कमरे में रहने वाले लोगों का समय पर सत्यापन और उनकी गतिविधियों की निगरानी हुई होती, तो संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पहले सामने आने की संभावना थी। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर सकती है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घुरवा राम, सतीश कुमार और रामप्रसाद उर्फ रमऊ को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। आरोपियों के कब्जे से 12.50 लाख रुपए के जाली नोट, टाटा पंच ईवी कार, कलर प्रिंटर और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।





































