JALAUN NEWS जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के थाना एट क्षेत्र से जुड़े एक संवेदनशील मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर तत्कालीन थाना प्रभारी, तत्कालीन उपनिरीक्षक, दो अज्ञात पुलिसकर्मियों, एक नामजद आरोपी और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला न्यायालय की दखल से मुकदमे तक पहुंचा।

पीड़िता का आरोप है कि 26 फरवरी 2026 की शाम बाजार में उसके साथ छेड़छाड़, अभद्रता और जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर कार से कुचलकर जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुट गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

महिला का दावा है कि शिकायत लेकर जब वह थाना एट पहुंची तो उसने मुख्य आरोपी को तत्कालीन थाना प्रभारी के सरकारी आवास पर बैठे देखा। वीडियो बनाने की कोशिश करने पर थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की, मोबाइल फोन छीन लिया और वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने का प्रयास किया। शिकायत में पुलिस पर आरोपी को संरक्षण देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़िता ने बताया कि उसने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य महिला आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक शिकायत भेजी। साथ ही आरटीआई के जरिए थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

आखिरकार, पीड़िता ने सीजेएम जालौन की अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद 7 जुलाई 2026 को थाना एट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना में जुटी हुई है।






































