LUCKNOW NEWS. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय हॉल में बीती 30 जून, मंगलवार को ‘फार्म एंड फूड’ (दिल्ली प्रेस) द्वारा एक भव्य ‘कृषि सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार और लीक से हटकर काम करने वाले प्रगतिशील किसानों व विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया।

प्राकृतिक खेती के लिए लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी को मिला सम्मान
इस समारोह का मुख्य आकर्षण जालौन जनपद के प्रगतिशील किसान लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी रहे। उन्हें प्राकृतिक खेती (Natural Farming) के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘उत्तर प्रदेश श्रेष्ठ कृषक’ पुरस्कार से नवाजा गया। यह सम्मान उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
चंदन की खेती से दोगुनी होगी किसानों की आय
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी ने उपस्थित किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ-साथ चंदन की खेती (Sandalwood Farming) को अपनाने पर विशेष जोर दिया। चतुर्वेदी जी ने सविस्तार बताया कि कैसे चंदन की खेती किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने में एक बेहद सहायक और लाभप्रद जरिया बन सकती है। उन्होंने कृषि को आधुनिक और व्यावसायिक रूप देने के लिए अन्य किसानों को भी प्रेरित किया।
कृषि के 16 आयामों से जुड़ी हस्तियाँ हुईं सम्मानित
‘फार्म एंड फूड’ के इस मंच से कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को सराहते हुए कुल 16 विभिन्न आयामों के लिए पुरस्कार दिए गए। इनमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, कृषि व्यापार (Agri-Business) से जुड़े उद्यमी, किसान उत्पादक संगठन (FPO), महिला किसान और युवा किसान शामिल रहे। इस सम्मान ने पुरस्कृत महानुभावों में एक नई ऊर्जा का संचार किया और भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा दी।
कई दिग्गज अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
यह कार्यक्रम बेहद गरिमापूर्ण रहा, जिसमें कृषि और प्रकाशन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। समारोह में दिल्ली प्रेस के मालिक अनंतनाथ, ‘फार्म एंड फूड’ के एडिटर प्रकाश राणा, प्रोडक्ट हेड श्रुति जोशी, कृषि निदेशक डॉ. त्रिपाठी, उपनिदेशक सिंह साहब सहित पशुपालन विभाग के निदेशक, गौ सेवा आयोग के सीईओ और कई अन्य प्रदेश स्तरीय उच्चाधिकारी मौजूद रहे।


































