सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी ने उपस्थित किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ-साथ चंदन की खेती (Sandalwood Farming) को अपनाने पर विशेष जोर दिया। Read More





























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