RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद और कार्यस्थल पर कथित दुर्व्यवहार से जुड़े कई मामलों की सुनवाई की गई। आयोग ने अलग-अलग प्रकरणों में पक्षकारों को सुनने के बाद आवश्यक निर्देश जारी किए और कुछ मामलों में सुलह की पहल भी कराई। सुनवाई के दौरान एक महिला ने शिकायत की कि वैवाहिक विवाद के बाद उसके महत्वपूर्ण दस्तावेज पति के पास हैं और उन्हें वापस नहीं किया जा रहा है।

आयोग की समझाइश के बाद पति दस्तावेज लौटाने के लिए तैयार हो गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दस्तावेज वापस नहीं किए जाते हैं तो संबंधित महिला कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करा सकती है। एक अन्य मामले में महिला ने अपने पति पर नशे की हालत में लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया।

दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आयोग ने काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया। साथ ही महिला को आवश्यक होने पर पुलिस की मदद लेने की सलाह भी दी गई। इसी तरह चरित्र हनन, अपमानजनक टिप्पणी और अश्लील गालियां देने से जुड़े एक मामले में आयोग की मध्यस्थता के बाद विवाद सुलझ गया। आरोपी पक्ष ने अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने भी सहमति जताई और मामला समाप्त कर दिया गया।

आयोग के मुताबिक सबसे गंभीर मामला शासकीय नवीन महाविद्यालय, नवागांव से जुड़ा रहा। यहां कार्यरत महिला सहायक प्राध्यापकों ने एक पुरुष प्राध्यापक पर अभद्र व्यवहार, धमकाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि उनके साथ छात्रों की मौजूदगी में भी अनुचित व्यवहार किया जाता है।

वहीं, संबंधित प्राध्यापक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया। मामले को कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित मानते हुए महिला आयोग ने कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति की जांच प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए आयोग की सहायक संचालिका को नियुक्त किया है। आयोग ने 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों के विवाद का निकला समाधान
एक ग्राम पंचायत की सरपंच और उपसरपंच के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की भी सुनवाई हुई। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे थे। आयोग की पहल पर हुई चर्चा के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने के लिए तैयार हो गए, जिसके बाद मामले का निराकरण कर दिया गया।



































