AYODHYA NEWS: अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा अनियमितता मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दोनों के इस्तीफे ऐसे समय आए हैं, जब इस मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। चढ़ावा अनियमितता के मामले में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले में शुक्रवार को चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही बैंक खातों की जांच कर मनी ट्रेल खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जांच एफआईआर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। यदि जांच के दौरान चंपत राय या अनिल मिश्रा की भूमिका सामने आती है, तो उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

गौरतलब है कि राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितता की शिकायत के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच की मांग की थी। इसके बाद 13 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है।





































