छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि लगभग 6.5 करोड़ रुपये की राशि बस्तर और धमतरी जिलों में खर्च की गई। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़ा है, जिसमें विदेशों से पैसा लाकर स्थानीय स्तर पर उपयोग किया गया।

डेबिट कार्ड के जरिए निकाली गई रकम
जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड के माध्यम से भारत में बड़ी मात्रा में नकदी निकाली जा रही थी। इस पैसे का इस्तेमाल कथित रूप से संदिग्ध गतिविधियों में किया गया। एजेंसी के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था, जिससे पैसों के स्रोत और उपयोग को छिपाया जा सके।

गिरफ्तारी से खुला नेटवर्क
इस मामले में ED ने मीका मार्क नाम के व्यक्ति को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

देशभर में छापेमारी
18 और 19 अप्रैल को ED ने देशभर में सर्च ऑपरेशन चलाया और कई राज्यों में 6 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए। जांच में इस पूरे मामले का संबंध ‘The Timothy Initiative (TTI)’ नामक संगठन और उससे जुड़े लोगों से जुड़ा पाया गया है।

आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि विदेशी फंडिंग का उपयोग किन गतिविधियों में हुआ और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।




































